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Bhagat Singh Quotes in Hindi

 


Bhagat Singh Quotes in Hindi


“जिंदगी तो सिर्फ अपने कंधों पर जी जाती हैदूसरों के कंधे पर तो सिर्फ जनाजे उठाए जाते हैं।“

- भगत सिंह

“मेरा धर्म देश की सेवा करना है।

- भगत सिंह

“प्रेमीपागल और कवि एक ही चीज से बने होते हैं।“ 

 - भगत सिंह

“देशभक्तों को अक्सर लोग पागल कहते हैं।“ 

- भगत सिंह


“सूर्य विश्व में हर किसी देश पर उज्ज्वल हो कर गुजरता है परन्तु उस समय ऐसा कोई देश नहीं होगा जो भारत देश के सामान इतना स्वतंत्रइतना खुशहालइतना प्यारा हो।

- भगत सिंह

 

“यह एक काल्पनिक आदर्श है कि आप किसी भी कीमत पर अपने बल का प्रयोग नहीं करतेनया आन्दोलन जो हमारे देश में आरम्भ हुआ है और जिसकी शुरुवात की हम चेतावनी दे चुके हैं वह गुरुगोविंद सिंह और शिवाजी महाराजकमल पाशा और राजा खानवाशिंगटन और गैरीबाल्डीलाफयेत्टे और लेनिन के आदर्शों से प्रेरित है।

- भगत सिंह

 

राख का हर एक कण मेरी गर्मी से गतिमान है। मैं एक ऐसा पागल हूं जो जेल में भी आजाद है।“ 

- भगत सिंह

 

“यदि बहरों को सुनना है तो आवाज़ को बहुत जोरदार होना होगा। जब हमने बम गिराया तो हमारा धेय्य किसी को मारना नहीं थ। हमने अंग्रेजी हुकूमत पर बम गिराया था । अंग्रेजों को भारत छोड़ना चाहिए और उसे आज़ाद करना चहिये।

- भगत सिंह

 

किसी को ‘क्रांति’ शब्द की व्याख्या शाब्दिक अर्थ में नहीं करनी चाहिए। जो लोग इस शब्द का उपयोग या दुरूपयोग करते हैं उनके फायदे के हिसाब से इसे अलग अलग अर्थ और अभिप्राय दिए जाते हैं।

- भगत सिंह

 

कोई भी व्यक्ति जो जीवन में आगे बढ़ने के लिए तैयार खड़ा हो उसे हर एक रूढ़िवादी चीज की आलोचना करनी होगीउसमे अविश्वास करना होगा और चुनौती भी देना होगा।

 - भगत सिंह

 

किसी भी इंसान को मारना आसान हैपरन्तु उसके विचारों को नहीं। महान साम्राज्य टूट जाते हैंतबाह हो जाते हैंजबकि उनके विचार बच जाते हैं।

- भगत सिंह

 

जरूरी नहीं था कि क्रांति में अभिशप्त संघर्ष शामिल हो। यह बम और पिस्तौल का पंथ नहीं था।“ 

- भगत सिंह

 

आम तौर पर लोग जैसी चीजें हैं उसके आदी हो जाते हैं और बदलाव के विचार से ही कांपने लगते हैं। हमें इसी निष्क्रियता की भावना को क्रांतिकारी भावना से बदलने की जरूरत है।

- भगत सिंह

 

जो व्यक्ति विकास के लिए खड़ा है उसे हर एक रूढ़िवादी चीज की आलोचना करनी होगीउसमें अविश्वास करना होगा तथा उसे चुनौती देनी होगी।“ 

- भगत सिंह

 

 “मैं इस बात पर जोर देता हूँ कि मैं महत्त्वाकांक्षाआशा और जीवन के प्रति आकर्षण से भरा हुआ हूँ। पर मैं ज़रुरत पड़ने पर ये सब त्याग सकता हूँऔर वही सच्चा बलिदान है।

- भगत सिंह

 

अहिंसा को आत्म-बल के सिद्धांत का समर्थन प्राप्त है जिसमे अंतत: प्रतिद्वंदी पर जीत की आशा में कष्ट सहा जाता है । लेकिन तब क्या हो जब ये प्रयास अपना लक्ष्य प्राप्त करने में असफल हो जाएंतभी हमें आत्म -बल को शारीरिक बल से जोड़ने की ज़रुरत पड़ती है ताकि हम अत्याचारी और क्रूर दुश्मन के रहमोकरम पर ना निर्भर करें ।

- भगत सिंह

किसी भी कीमत पर बल का प्रयोग ना करना काल्पनिक आदर्श है और नया आन्दोलन जो देश में शुरू हुआ है और जिसके आरम्भ की हम चेतावनी दे चुके हैं वो गुरु गोबिंद सिंह और शिवाजीकमाल पाशा और राजा खान , वाशिंगटन और गैरीबाल्डी , लाफायेतटे और लेनिन के आदर्शों से प्रेरित है।

- भगत सिंह

 

इंसान तभी कुछ करता है जब वो अपने काम के औचित्य को लेकर सुनिश्चित होता हैजैसाकि हम विधान सभा में बम फेंकने को लेकर थे।

- भगत सिंह

 

व्यक्तियो को कुचल करवे विचारों को नहीं मार सकते।

- भगत सिंह

 

क़ानून की पवित्रता तभी तक बनी रह सकती है जब तक की वो लोगों की इच्छा की अभिव्यक्ति करे।

- भगत सिंह

 

 क्रांति मानव जाती का एक अपरिहार्य अधिकार है। स्वतंत्रता सभी का एक कभी न ख़त्म होने वाला जन्म-सिद्ध अधिकार है। श्रम समाज का वास्तविक निर्वाहक है।

- भगत सिंह

 

निष्ठुर आलोचना और स्वतंत्र विचार ये क्रांतिकारी सोच के दो अहम् लक्षण हैं।

- भगत सिंह

 

 “मैं एक मानव हूँ और जो कुछ भी मानवता को प्रभावित करता है उससे मुझे मतलब है।"

- भगत सिंह

 

 किसी ने सच ही कहा हैसुधार बूढ़े आदमी नहीं कर सकते । ते तो बहुत ही बुद्धिमान और समझदार होते हैं । सुधार तो होते हैं युवकों के परिश्रमसाहसबलिदान और निष्ठा सेजिनको भयभीत होना आता ही नहीं और जो विचार कम और अनुभव अधिक करते हैं ।

- भगत सिंह

  

हमारा लक्ष्य शासन शक्ति को उन हाथों के सुपुर्द करना हैजिनका लक्ष्य समाजवाद होइसके लिए मजदूरों और किसानों को संगठित करना आवश्यक होगाक्योंकि उन लोगों के लिए लॉर्ड रीडिंग या इर्विन की जगह तेजबहादुर या पुरुषोत्तम दासठाकुर दास के उग जाने से कोई भारी फर्क न पड़ सकेगा ।

- भगत सिंह

 

यदि हमारे नौजवान इसी प्रकार प्रयत्न करते जाएंगेतब जाकर एक साल में स्वराज्य तो नहींकिंतु भारी कुर्बानी और त्याग की कठिन परीक्षा में से गुजरने के बाद वे अवश्य विजयी होंगे । क्रांति चिरंजीवी हो ।

- भगत सिंह

 

जिंदा रहने की ख्वाहिश कुदरती तौर पर मुझमें भी होनी चाहिए । मैं इसे छिपाना नहीं चाहतालेकिन मेरा जिंदा रहना एक शर्त पर है । मैं कैद होकर या पाबंद होकर जिंदा रहना नहीं चाहता ।

- भगत सिंह

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